बेरोजगारी(unemployment); समस्या और निदान

बेरोजगारी(unemployment):-
ऐसे व्यक्ति जो शारीरिक और मानसिक दृष्टि से स्वस्थ होते है परंतु प्रचलित मजदूरी पर उन्हें कार्य नही मिल पाता बेरोजगारी कहलाती है।



बेरोजगारी(unemployment) एक समस्या:-
बेरोजगारी की समस्या व्यक्ति समाज और राष्ट्र को भयंकर रूप से प्रभावित कर रही है देश के नवयुवक निराश होते जा रहे हैं सामाजिक जीवन में रहन-सहन के स्तर में गिरावट होती जा रही है भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है रिश्वतखोरी और दुराचार को प्रोत्साहन मिल रहा है बेरोजगारी से युवा वर्ग में भयंकर असंतोष पनप रहा है जिससे देश में आंदोलन की प्रवृत्तियों अशांति और अराजकता का प्रसार होता जा रहा है।



 बेरोजगारी(unemployment) के कारण:-
इस समस्या के समाधान के लिए इसके कारणों और निराकरण के उपायों पर विचार करना सार्थक सिद्ध हो सकता है इस समस्या के मुख्यतया कारण जनसंख्या में अप्रत्याशित वृद्धि , गलत आरक्षण नीति, रोजगार उन्मुख शिक्षा का अभाव, जातिवाद, लिंगभेद, आदि इसके अलावा लघु कुटीर उद्योग प्रसार अधिकारी का एक प्रमुख कारण है।

 भारत में बेरोजगारी(unemployment) का स्तर:-
NSSO  की रिपोर्ट के मुताबिक ताल 2017 18 में  राष्ट्रिय स्तर पर बेरोजगारी 6.1फीसदी रही, जबकि 2011 12 में यह स्तर 2.2 फीसदी था।



बेरोजगारी(unemployment) का निराकरण :-
बेरोजगारी को राष्ट्रव्यापी समस्या मानकर दृढ़ संकल्प के साथ सभी इसके समाधान में जुड़ जाऐं तो कोई शक्ति इसमें बाधक नही हो सकती।
शिक्षा पद्धति में सुधार, कृषि में विकास,रोजगार दफ्तरों की स्थापना, जनसंख्या नियंत्रण तथा अन्य प्रयत्न करके भी बेरोजगारी को कम किया जा सकता है।

संत रामपाल जी महाराज जी कैसे समाज सुधारक संत हैं जिनके प्रभावशाली कार्यों से इस समस्या का निदान संभव है अब इन सभी बातों पर नजर डालें...

1.  संत रामपाल जी महाराज जी आज दहेज प्रथा का जड़ से उन्मूलन कर रहे हैं,  उनके अनुयायी ना तो दहेज लेते हैं और ना ही देते हैं,  इस प्रकार बेटों की चाह में अधिक संतान उत्पत्ति में कमी हो रही है तथा जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण हो रहा है।

2. संत रामपाल जी महाराज जी के अनुयाई उनके आशीर्वाद से आज अंतरजातिय विवाह कर रहे हैं इसके परिणामस्वरूप लोगों की मानसिकता में जाति प्रथा पर रोक लगी है इसके आधार पर हम कह सकते हैं कि जातिवाद के कारण बेरोजगारी में कमी आएगी।



3.  देश में महिला श्रमिकों को उनके मजदूरी के मुताबिक आय नहीं दी जाती है संत रामपाल जी महाराज ने लिंग भेद मिटाकर इस समस्या का भी निदान किया है।

4. देश में आज भ्रष्टाचार और राजनीति अपनी चरम सीमा पर है जिसके कारण आम आदमी अपने परिश्रम का सही लाभ नहीं उठा पाता है संत रामपाल जी महाराज जी के शिष्य ना तो रिश्वत लेते हैं और ना ही रिश्वत देते हैं जिससे रिश्वतखोरी पर भी रोक लगी है।

5. संत रामपाल जी महाराज जी के अनुयाई आज सीमित संसाधनों में भी अपने गृहस्थ जीवन को आसानी से जीना सीख रहे हैं जिससे अत्याधुनिकरण पर भी रोक लगी है।


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