अध्यात्म और शिक्षा
आध्यात्मिकता और शिक्षा को साथ लेकर अनेकों धर्म और कर्म संबंधी उलझने सुलझाई जा सकती है। अध्यात्म और शिक्षा की प्रथम आवश्यकता आज के समय में शिक्षा केवल एक रोजी रोटी कमाने के उद्देश्य से प्राप्त की जा रहा है। और पहले के युगों में शिक्षा का उपयोग हमारे शास्त्र का ज्ञान प्राप्त करने के लिए किया जाता था। किन्तु विचारणीय विषय तो यह है कि अब पहले से अधिक शिक्षित समाज है परन्तु उनसे भी अधिक बहकावे में आने लगा है। किस तरह से आए जानते है पहले शिक्षा को शास्त्रीय ज्ञान उद्देश्य से गुरुकुल में प्राप्त करते थे। जिसका लाभ केवल चन्द लोगो को जो समाज में श्रेष्ठ माने जाते हैं उन्हीं को प्राप्त होता था। सभी केवल अपने शास्त्र में वर्णित भक्ति मार्ग अपनाते थे अपनी मनमानी से भक्ति नहीं करते थे आज शिक्षा को घर घर तक पहुंचाया जा रहा है बच्चा बच्चा शिक्षित हो रहा सभी सभी अपना घरेलू कार्य निपटाने और कमाई के स्रोत के रूप में इसका प्रयोग कर रहे हैं। किन्तु हम शिक्षित होकर भी उन पर आंख मूंद कर विश्वास कर बैठते हैं जिन्होने कभी अपने शास्त्र को नहीं खोला और इन्हीं पर अंध विश्वा...